गलत पोश्चर दे रहा है 'टेक नेक' की समस्या, ज्यादा स्क्रीन टाइम और गलत आदतों से बिगड़ रही रीढ़ की हड्डी, जानें इसके लक्षण क्या-क्या
डिजिटल डिवाइसेज का उपयोग करते समय गलत पोश्चर 'टेक नेक' का कारण बन रहा है। इससे रीढ़ और गर्दन पर भारी दबाव पड़ता है। सही पोश्चर, स्क्रीन लेवल और ब्रेक ...और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 10:58:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 10:58:52 AM (IST)
टेक नेक आनो वाले समय में बहुत बड़ी हेल्थ से जुड़ी दिक्कत के रूप में सामने आ सकती है। (फाइल फोटो)HighLights
- स्मार्टफोन और लैपटॉप के इस्तेमाल और गलत पोश्चर से 'टेक नेक' की समस्या होती है
- इस दिक्कत से रीढ़ की हड्डी की संरचना और गर्दन की मांसपेशियों पर भारी दबाव पड़ता है
- स्क्रीन देखने के से गर्दन, कंधे, ऊपरी पीठ में दर्द और हाथों में सुन्नपन जैसी जिक्कतें होती हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली. डिजिटल युग में मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप पर लगातार काम करना हमारी मजबूरी और आदत दोनों बन चुकी है। लेकिन स्क्रीन देखते समय सही पोश्चर (बैठने या खड़े होने की मुद्रा) न बनाए रखने के कारण 'टेक नेक' (Tech Neck) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक बिस्तर पर लेटकर या गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से न केवल गर्दन और कंधे में दर्द होता है, बल्कि रीढ़ की संरचना (Spine Alignment) भी बिगड़ने लगती है। इससे आगे चलकर सर्वाइकल डिस्क की गंभीर समस्या हो सकती है।
क्या है 'टेक नेक' और क्यों बढ़ता है इसका खतरा?
हमारा शरीर सीधा देखने के लिए बना है। जब हमारा सिर सामान्य स्थिति में रहता है (जहां कान और कंधे एक सीध में होते हैं), तब गर्दन पर सिर का सामान्य भार रहता है। लेकिन जब हम स्क्रीन देखने के लिए गर्दन को आगे की ओर झुकाते हैं (Neck Flexion), तो र्दन और रीढ़ की हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है:
- 15 डिग्री झुकाव: गर्दन पर लगभग 12 किग्रा का दबाव पड़ता है।
- 45 डिग्री झुकाव: यह दबाव बढ़कर 22 किग्रा से लेकर 45 किग्रा तक हो जाता है।
इस भारी दबाव के कारण गर्दन की मांसपेशियों को अत्यधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे दर्द, अकड़न और खिंचाव पैदा होता है।
टेक नेक के प्रमुख लक्षण क्या-क्या
- गर्दन और कंधे में तेज दर्द या जकड़न।
- ऊपरी पीठ (Upper Back) में लगातार दर्द।
- सिर के पिछले हिस्से में दर्द (Occipital Headaches)।
- हाथों या बाजुओं में सुन्नपन, कमजोरी या झुनझुनी (Tingling Effect)।
- आंखों में सूखापन (Dry Eyes) और मांसपेशियों की थकान से धुंधला दिखाई देना।
गलत पोश्चर से हाथों और कलाई को होने वाले नुकसान
- कार्पल टनल (Carpal Tunnel): लगातार गलत तरीके से फोन पकड़े रखने से कलाई की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे कलाई और अंगुलियों में दर्द और सुन्नपन आता है।
- पिंकी स्ट्रेन (Pinky Strain): छोटी अंगुली पर फोन का पूरा भार टिकाकर रखने से उसमें खिंचाव और दर्द की समस्या होती है।
- थंब टेंडिनाइटिस (Thumb Tendinitis): लगातार अंगूठे से टाइपिंग या गेमिंग करने के कारण अंगूठे के लिगामेंट्स में सूजन और दर्द होता है।
इसके बचाव के उपाय क्या हो सकते
इस दिक्कत से बचने के लिए कुछ इपाय आजमाए जा सकते हैं…
- स्क्रीन को आंखों के लेवल पर लाएं: गर्दन को झुकाने के बजाय मोबाइल या टैबलेट को ऊपर उठाएं। इसके लिए लैपटॉप स्टैंड, फोन होल्डर या तकिए का सहारा लें।
- 20-20-20 का नियम और ब्रेक: हर 10-15 मिनट में थोड़ा ब्रेक लें, टहलें या अपने बैठने की स्थिति बदलें।
- कुर्सी पर सही बैठें: पीठ को सीधा रखें और कमर को सहारा (Lumbar Support) देकर बैठें।
- आंखों का बचाव: पलकें झपकाते रहें ताकि आंखों की नमी न सूखे।
- टेक्स्ट के बजाय वॉइस का इस्तेमाल: लगातार टाइपिंग करने से बचने के लिए वॉइस टाइपिंग या वॉइस नोट्स का उपयोग करें।
इसके लिए कुछ उपयोगी कसरत (Stretching Exercises) भी अपनाए जा सकते हैं-
- नेक रोटेशन: गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बायें और ऊपर-नीचे घुमाएं।
- शोल्डर श्रग: कंधों को ऊपर-नीचे करके स्ट्रेच करें।
- चिन टक (Chin Tuck): गर्दन को हल्का पीछे खींचें ताकि ठोढ़ी (Chin) छाती के करीब आए।
डॉक्टर से कब मिलना जरूरी…
- यदि बाजुओं या हाथों में लगातार सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।
- गर्दन का दर्द आपकी नींद या दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करने लगे।
स्पेशलिस्ट क्या सलाह देते हैं-
इसे लेकर स्पेशलिस्ट कहते हैं- हॉस्पिटल में आ रहे 90% गर्दन दर्द के मरीज 'टेक नेक' की समस्या से पीड़ित हैं। ऑफिस और फोन पर घंटों बिताने से रीढ़ की मांसपेशियों पर भारी दबाव पड़ता है। दवाइयों से दर्द केवल अस्थायी रूप से ठीक होता है, स्थायी हल सही पोश्चर, नियमित कसरत और सही जीवनशैली ही है।